द्वितीय धातु-गण: μιλάω, μπορώ
अंत पर बलाघात वाली क्रियाओं के अपने अंत होते हैं — दो परिवारों में: μιλάω, μιλάς… और μπορώ, μπορείς…
दो धातु-गण, एक बलाघात-अंतर
γράφω में बलाघात धातु पर है: पहला गण। μιλάω और μπορώ में अंत पर: दूसरा गण। यही अंतर वर्तमान काल के सारे अंत तय करता है।
प्रकार A: μιλάω, μιλάς
-άω का बड़ा परिवार: बोलना, प्यार करना, पूछना… अक्सर दो रूप साथ चलते हैं (μιλάω = μιλώ, μιλάει = μιλά) — दोनों सही हैं।
| πρόσωπο | μιλάω |
|---|---|
| εγώ | μιλάω / μιλώ |
| εσύ | μιλάς |
| αυτός/αυτή | μιλάει / μιλά |
| εμείς | μιλάμε |
| εσείς | μιλάτε |
| αυτοί | μιλάνε / μιλούν |
प्रकार B: μπορώ, μπορείς
-ώ / -είς परिवार: सकना, जीना, चलाना, फोन करना… यहाँ दोहरे रूप नहीं — अंत स्थिर हैं: -ώ, -είς, -εί, -ούμε, -είτε, -ούν।
| πρόσωπο | μπορώ |
|---|---|
| εγώ | μπορώ |
| εσύ | μπορείς |
| αυτός/αυτή | μπορεί |
| εμείς | μπορούμε |
| εσείς | μπορείτε |
| αυτοί | μπορούν |
कौन-सी क्रिया कहाँ?
क्रिया के साथ उसका परिवार भी याद करें। A: αγαπάω, ρωτάω, ξυπνάω, περπατάω, γελάω, ξεχνάω। B: μπορώ, ζω, οδηγώ, τηλεφωνώ, αργώ, ευχαριστώ।
अब आपकी बारी
क्रिया को सर्वनाम से मिलाएँ।