दोनों वाच्यों में अतीत: έγραψα / γράφτηκα
आप Α2 से έγραψα जानते हैं। यहाँ पूरी व्यवस्था: कौन-सा व्यंजन ψ, ξ या σ देता है, और वही क्रिया कर्मवाच्य में γράφτηκε कैसे बनती है।
व्यंजन तालिका
अतीत का -σ- धातु के व्यंजन से मिलता है और परिणाम पूर्वानुमेय है। यह तालिका जान लें तो लगभग हर नियमित क्रिया का अतीत निकल आता है।
| θέμα σε | + σ → | παράδειγμα | παθητικός αόριστος |
|---|---|---|---|
| π, β, φ, πτ, φτ | ψ | γράφω → έγραψα | γράφτηκα |
| κ, γ, χ, χν, γγ | ξ | ανοίγω → άνοιξα | ανοίχτηκα |
| τ, δ, θ, ζ, σ | σ | αγοράζω → αγόρασα | αγοράστηκα |
| -ώνω | -ωσα | τελειώνω → τελείωσα | τελειώθηκα |
| -άω / -ώ | -ησα | αγαπάω → αγάπησα | αγαπήθηκα |
कर्मवाच्य: -θηκα और उसके रूप
अंत कभी नहीं बदलते — -θηκα, -θηκες, -θηκε, -θήκαμε, -θήκατε, -θηκαν — और उसी अतीत धातु से जुड़ते हैं: γράφ-τηκα, αγαπή-θηκα। ψ/ξ/σ के बाद -τ-, स्वर के बाद -θ-।
सक्रिय/कर्म युग्म प्रयोग में
एक ही दृश्य, दो कोण: Ο Θεοδωράκης έγραψε… / Αυτό το τραγούδι γράφτηκε το 1960। कर्ता από से लौटता है। कर्मवाच्य परिणाम चुनता है, कर्ता नहीं।
अब आपकी बारी
सही रूप चुनें।